तुम्हें अपनाने की चाहत में कब इतना वक्त गुजर गया थोड़ी देर के लिए तुम्हें मना पाया फिर दूसरी बातों को लेकर तकरार हो गई खुलकर जीना चाहते हैं हर लम्हा तेरे प्यार में गुस्सा छोड़कर प्यार करो तुम्हारे वादों से खुशियों का समंदर मिला मेरे भरोसे को कभी टूटने मत देना तुम्हारे प्यार के बिना जीना मुमकिन नहीं है मेरे खामोशी को मेरी मजबूरी मत समझना हम चुप रहते हैं क्योंकि हर काम बुद्धिमानी से करते हैं आज मौज-मस्ती का इरादा है अपनी मीठी-मीठी बातों से दिल में प्यार की रसधार बहने दो जिंदगी भर के लिए यह लम्हा यादगार बन जाए कुछ ऐसे प्यार करने दो Hindi shayari
बहके-बहके से आज मन के ख्यालात है हसीन मौसम मेरे इशारे इरादों को समझती नहीं हो कब तक खुद को संभाल पाएंगे खुद को संभाल पाना मुश्किल होता जा रहा है तुम्हारी बातें सच्ची लगती है तुम्हारी बातें अच्छी लगती है इसीलिए दूर रह नहीं पाते हैं यह हकीकत है अब हम तुम्हारे हो गए हैं हर कदम पर तुम्हारे साथ चलना चाहता हूं