बहके-बहके से आज मन के ख्यालात है हसीन मौसम मेरे इशारे इरादों को समझती नहीं हो कब तक खुद को संभाल पाएंगे खुद को संभाल पाना मुश्किल होता जा रहा है तुम्हारी बातें सच्ची लगती है तुम्हारी बातें अच्छी लगती है इसीलिए दूर रह नहीं पाते हैं यह हकीकत है अब हम तुम्हारे हो गए हैं हर कदम पर तुम्हारे साथ चलना चाहता हूं
Hindi shayari behke behke se aaj man ke khayalat hai